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रेलवे का बड़ा ब्लॉक: जून तक कई ट्रेनें रद्द और डायवर्ट, यात्रियों के लिए जरूरी अपडेट

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गोरखपुर कैण्ट-पनियहवा रेलखंड पर दोहरीकरण और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के कारण मई-जून 2026 तक कई ट्रेनें रद्द, डायवर्ट और पुनर्निर्धारित की गई हैं। रेलवे ने यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन स्टेटस जांचने की सलाह दी है।

समस्तीपुर/आलम की खबर:भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और रेल परिचालन को अधिक सुगम बनाने के लिए गोरखपुर कैण्ट-पनियहवा रेलखंड पर बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य शुरू किया है। वाराणसी मंडल के उनौला और पिपराइच स्टेशनों के बीच दोहरीकरण और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य को लेकर रेलवे प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के परिचालन में बड़े बदलाव की घोषणा की है। इस कार्य के कारण बिहार समेत उत्तर भारत के कई रूटों पर चलने वाली ट्रेनों को रद्द, मार्ग परिवर्तित और पुनर्निर्धारित किया गया है। रेलवे के इस फैसले का असर हजारों यात्रियों पर पड़ने वाला है, खासकर उन लोगों पर जो बिहार, दिल्ली, गोरखपुर, कोलकाता, सहरसा, रक्सौल, जयनगर और आनंद विहार रूट से सफर करते हैं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। 30 मई 2026 तक प्री नॉन इंटरलॉकिंग कार्य, 31 मई से 5 जून तक अतिरिक्त तकनीकी कार्य और 6 से 8 जून तक नॉन इंटरलॉकिंग प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद 8 जून को रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा निरीक्षण भी किया जाएगा। इसी वजह से कई ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किया गया है।

सबसे अधिक असर सवारी गाड़ियों पर पड़ा है। नरकटियागंज और गोरखपुर कैण्ट के बीच चलने वाली कई पैसेंजर ट्रेनें लगभग तीन सप्ताह तक रद्द रहेंगी। रेलवे ने बताया कि 55097, 55096, 55098, 55048 और 55047 जैसी सवारी गाड़ियों का परिचालन निर्धारित अवधि तक पूरी तरह बंद रहेगा। वहीं नरकटियागंज से बढ़नी जाने वाली एक सवारी ट्रेन को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। इससे रोजाना सफर करने वाले स्थानीय यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

इसके अलावा कई स्पेशल ट्रेनों को भी निरस्त किया गया है। लालकुआं-कोलकाता स्पेशल, दिल्ली-मोतिहारी स्पेशल, सीतामढ़ी-दिल्ली स्पेशल, गांधीधाम-भागलपुर स्पेशल, पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार स्पेशल, उधना-जयनगर स्पेशल, उधना-झंझारपुर स्पेशल और सहरसा-आनंद विहार टर्मिनस स्पेशल जैसी कई ट्रेनों के परिचालन को अलग-अलग तारीखों में रद्द कर दिया गया है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें।

मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के मार्ग में भी बड़े पैमाने पर बदलाव किया गया है। राधिकापुर-आनंद विहार एक्सप्रेस, कटिहार-दिल्ली एक्सप्रेस, गोरखपुर-कोलकाता एक्सप्रेस, मुजफ्फरपुर-आनंद विहार एक्सप्रेस, देहरादून-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस, बांद्रा टर्मिनस-बरौनी एक्सप्रेस और प्रयागराज-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों को बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा। इन ट्रेनों का संचालन अब मुजफ्फरपुर, छपरा ग्रामीण, भटनी और गोरखपुर के वैकल्पिक रूट से किया जाएगा।

मार्ग परिवर्तन के कारण कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया है। बापूधाम मोतिहारी, सगौली, बेतिया, नरकटियागंज, कप्तानगंज, बगहा, हरिनगर, सिसवा बाजार और चकिया जैसे स्टेशनों पर यात्रियों को असुविधा हो सकती है क्योंकि कई ट्रेनें इन स्टेशनों पर नहीं रुकेंगी। इससे उत्तर बिहार और सीमावर्ती इलाकों के यात्रियों की यात्रा योजनाओं पर सीधा असर पड़ेगा।

रेलवे ने कुछ स्पेशल ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव किया है। कटिहार-अमृतसर स्पेशल, लौकहा बाजार-आनंद विहार स्पेशल और कोलकाता-अमृतसर स्पेशल जैसी ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा। इसके चलते कई छोटे और मध्यम श्रेणी के स्टेशनों पर इन ट्रेनों का ठहराव नहीं रहेगा। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह बदलाव केवल निर्माण कार्य की अवधि तक लागू रहेगा।

कई ट्रेनों को पुनर्निर्धारित और नियंत्रित भी किया गया है। दरभंगा-जलंधर सिटी एक्सप्रेस को एक घंटे नियंत्रित कर चलाया जाएगा। वहीं रक्सौल-आनंद विहार एक्सप्रेस और आनंद विहार-रक्सौल एक्सप्रेस को अलग-अलग तारीखों में दो से तीन घंटे तक देरी से चलाया जाएगा। रेलवे ने यह भी बताया कि कुछ ट्रेनों को लखनऊ मंडल के अंतर्गत नियंत्रित किया जाएगा ताकि ट्रैक पर दबाव कम किया जा सके और कार्य समय पर पूरा हो सके।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि दोहरीकरण कार्य पूरा होने के बाद इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन अधिक तेज और सुरक्षित हो जाएगा। वर्तमान में एकल लाइन होने के कारण कई बार ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे देरी होती है। दोहरीकरण से ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा और मालगाड़ियों तथा यात्री ट्रेनों दोनों का संचालन बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, हेल्पलाइन या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी ट्रेन की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करें। स्टेशन पर पहुंचने से पहले ट्रेन रद्द, डायवर्ट या लेट होने की जानकारी प्राप्त करना जरूरी होगा ताकि यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

रेलवे का मानना है कि यह अस्थायी असुविधा भविष्य में यात्रियों को बेहतर रेल सेवा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दोहरीकरण और आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था लागू होने के बाद इस रूट पर ट्रेनों की गति, सुरक्षा और समय पालन में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

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